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GAURHAV DUTT
शनिवार, 11 मई 2013
maa
दुनिया में कुछ भी नहीं कीमती मेरे लिए तेरे सिवा ,
तेरे आँचल की छाओ में जन्नत सा सकू पाता हूँ माँ
लेखक - गौरव दत्त
मंगलवार, 23 अप्रैल 2013
जब जब भी कुछ कर गुजरने की तूने मन में ठानी है
तब तब दुनिया की सारी मुश्किले तेरे आगे बेमानी है .
लेखक - गौरव दत्त
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