शनिवार, 11 मई 2013

maa

दुनिया में कुछ भी नहीं कीमती मेरे लिए तेरे सिवा ,
तेरे आँचल की छाओ में जन्नत सा सकू पाता हूँ माँ
लेखक - गौरव दत्त


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